कैलालीके कैलारी गाउँपालिकामे एक पुस्तासे औरे पुस्तामे थारू समुदायके मौलिक ज्ञान, सीप ओ संस्कृतिके हस्तान्तरण कर्ना उद्देश्यले गुरही ओ सोटा बनैना कार्यशाला आयोजना करल बाटै । । गोहिनके फाउण्डेसन कैलालीके आयोजना ओ कैलारी गाउँपालिकाके सहयोगमे विद्यालयमे अध्ययनरत बालबालिकाहूकन गुरही ओ सोटा बनैना तालिम देहेल रहित ।
थारू समुदायके मौलिक कला, संस्कृति ओ परम्परागत सीपके संरक्षण ओ पुस्तान्तरण कर्ना उद्देश्यले कैलारी गाउँपालिकामे गुरही ओ सोटा बनैना कार्यशाला आयोजना करल बाटै ।
शुक्रबार गोहिनके फाउण्डेसन कैलालीके आयोजना ओ कैलारी गाउँपालिकाके कार्यालयके सहयोगमे विद्यालयमे अध्ययनरत बालबालिकाहे गुरही ओ सोटा बनैना तालिम देहल बाटै ।
पुरान पुस्तामे रहल परम्परागत ज्ञान ओ सीप नयाँ पुस्तामे हस्तान्तरण कर्ना उद्देश्यले तालिम आयोजना करल आयोजकहूके्र जानकारी देहेल बाटै ।
तालिमके उद्घाटन कैलारी गाउँपालिकाकी उपाध्यक्ष भगवतीकुमारी चौधरी कर्ले रहित । कार्यक्रममे बोल्ती उहाँ कलीन् पुरान पुस्ताके ज्ञान, सीप ओ संस्कृति नयाँ पुस्तामे हस्तान्तरण हुइ नैसेकल मौलिक कला ओ संस्कृति लोप हुइती जैता कैके बताइल बतै ।
उहाँ कला ओ संस्कृतिके संरक्षण कर्ना एकथो महत्वपूर्ण उपाय युवापुस्तामे परम्परागत ज्ञान ओ सीप हस्तान्तरण कर्ना कैके बताइल बाटै । अस्काल ज्यादा से मनै परम्परागत सामग्री अप्नेहि बनै लाग बजारसे किन्के प्रयोग कर्ना प्रवृत्ति बढल बाट कैके आपन सीप होके फेन औरे जहून उपर निर्भर हूइ पर्ना उहाँके भनाइ बातिन् ।
कार्यक्रममे कैलारी गाउँपालिकाके सामाजिक विकास शाखा प्रमुख यगम कलेल थारू समुदायहे पुस्तौंसे गुरही पर्व मनैती आइल बताइल बाटै । नयाँ पुस्ताहे पर्वमे आवश्यक सामग्री आप्नेही बनाइ सिकैना कार्य महत्वपूर्ण रहल उहाँ बताइल बतै ।
कार्यक्रमके सञ्चालन ओ उद्देश्यबारे फाउण्डेसनकी सचिव कविता चौधरी जानकारी देहेल रहिन् । थारू समुदायके कला, संस्कृति ओ परम्पराके संरक्षण कर्ना उद्देश्यले फाउण्डेसन स्थापना करल उहाँ बताइल बाट ।
तालिममे पाका पुस्ताके सुख्ली चौधरी, रेखा चौधरी, हरि चौधरीलगायतहूके्र बालबालिकाहे गुरही ओ सोटा बनैना परम्परागत सीप सिकाइल रहित ।
एक पुस्तासे अर्को पुस्तामे ज्ञान ओ सीप हस्तान्तरण कर्ती थारू समुदायके मौलिक संस्कृति संरक्षणमे असिन् कार्यक्रमहे महत्वपूर्ण योगदान पुगैना अपेक्षा करल बाटै ।