विश्व आदिवासी दिवसके अवसरमे काठमाडौंके खुलामञ्चमे विभिन्न कार्यक्रम आयोजना कर्के दिवस मनाइल बाटै । आदिवासी जनजाति समुदायके अधिकार, पहिचान, भाषा, संस्कृति ओ परम्पराके संरक्षण ओ प्रवद्र्धन कर्ना उद्देश्यहे कार्यक्रम आयोजना करल बाटै ।
कार्यक्रममे विभिन्न आदिवासी जनजाति समुदायके प्रतिनिधि, अधिकारकर्मी, सामाजिक अभियन्ता ओ सर्वसाधारणके सहभागिता रहल रहे । सहभागीहे आदिवासी जनजातिके मौलिक पहिचान, भाषा, कला,
संस्कृति ओ परम्पराके संरक्षणसँगे राज्यके हरेक तहमे समानुपातिक सहभागिता सुनिश्चित करेपर्ना जोड देहल बाटै ।
वक्ताहूक्रे आदिवासी जनजाति समुदायहे लम्मा समयसे उठइती आइल अधिकारके सवालहे राज्यहे गम्भीरतापूर्वक सम्बोधन करेपर्ना बताइल रलै । विशेषकर्के भूमि अधिकार, भाषिक अधिकार, सांस्कृतिक संरक्षण, शिक्षा, रोजगारी ओ राजनीतिक प्रतिनिधित्वके विषयमे प्रभावकारी नीति ओ कार्यान्वयन आवश्यक रहल उहाके भनाइ बाटीन् ।
कार्यक्रममे विभिन्न जातजातिके मौलिक भेषभूषा, सांस्कृतिक झाँकी, नृत्य ओ संगीतसमेत प्रस्तुत कर्ले रहित । सहभागीहूक्रे ‘विविधतामे एकताके सन्देश देती आदिवासी जनजातिके पहिचान ओ संस्कृतिके सम्मान कर्ना सब पक्षहे आग्रह कर्ले बातै । विश्व आदिवासी दिवस प्रत्येक वर्ष अगस्ट ९ मे मनैथै । नेपालमे फेन आदिवासी जनजाति समुदायहे आपन अधिकार, पहिचान ओ सांस्कृतिक संरक्षणके विषयहे प्राथमिकताके साथ उठैती विभिन्न कार्यक्रम कर्ती आइल बाटै ।विश्वभरके आदिवासी ओ जनजाति समुदायहे आज अर्थात् अगस्ट ९ तारिख विश्व आदिवासी दिवस मनाइल बाटै । विभिन्न देशमे सांस्कृतिक झाँकी, परम्परागत नृत्य, सभा, ¥याली, छलफल ओ अधिकारसम्बन्धी कार्यक्रम आयोजना कर्ती आदिवासी समुदायहे आपन पहिचान, भाषा, संस्कृति ओ अधिकार संरक्षणके माग दोहो¥याइल बाटै ।
संयुक्त राष्ट्रसंघ हरेक वर्ष अगस्ट ९ हे विश्व आदिवासी दिवसके रूपमे मनैती आइल बाटै । सन् १९८२ अगस्ट ९ मे जेनेभामे संयुक्त राष्ट्रसंघके आदिवासी जनसंख्यासम्बन्धी कार्यदलके पहिलो बैठक बठल दिनके सम्झना कैके यी दिवस मे मनैथै । सन् १९९४ म संयुक्त राष्ट्रसंघके महासभाहे अगस्ट ९ हे अन्तर्राष्ट्रिय दिवसके रूपमे घोषणा करल रहित ।
नेपालमे फेन आदिवासी जनजाति समुदायहे विभिन्न कार्यक्रम आयोजना कर्ती विश्व आदिवासी दिवस मनाइल बाटै । मौलिक भाषा, संस्कृति, भेषभूषा, परम्परा ओ पहिचानके संरक्षणसँगे राज्यके हरेक तहमे समान प्रतिनिधित्व ओ अधिकार सुनिश्चित करेपर्ना आवाज उठाइल बाटै ।
विश्व आदिवासी दिवस केवल संस्कृति प्रदर्शन कर्ना दिन कील नैहोके, आदिवासी समुदायके अधिकार, पहिचान, भाषा, भूमि, प्राकृतिक स्रोत ओ पुस्तौँसे हस्तान्तरण हूइती आइल ज्ञानके संरक्षण लाग विश्वव्यापी आवाज उठैना अवसर फेन हो ।
यहे वर्ष स्वास्थ्य ओ परम्परागत ज्ञानमे आदिवासी महिलाके भूमिकाहे विशेष प्राथमिकता देहल बाटै । विश्व आदिवासी दिवस संस्कृति संरक्षणसँगे अधिकार, सम्मान ओ समान सहभागिताके प्रश्न हे फेन बहसमे लन्ले बाटै ।